What is the Meaning of Passion in Hindi with Explain - पेसन को हिन्दी मे जाने

मैं आज आप सभी के साथ शब्दकोश के एक वर्ड Passion को लेकर चर्चा करूंगा, जिसके अंतर्गत हम वे सभी पहलुओ पर चर्चा करेंगे जिन्हे आप सभी को जानने जरूरी है। यह अर्थ उन बातों की ओर इशारा करते है जिससे हम सभी गहरे रूप मे जुड़े है क्योकि ये मतलव इंसान की कुछ करने की कोशिश ऑर आशा से मिलकर भावनाओ को व्यक्त करता है। 

आपको ऊपर से नीचे तक हर एक पॉइंट को उदाहरण के साथ भिन्न प्रभाव ऑर उपयोग को समझते हुये सकारात्मक ऑर नकारात्मक प्रभावों को भी समझना चाहिए। अब थोड़ा भी समय बर्बाद ना करके जल्दी से आगे बड़ते है। 

What is the Meaning of Passion in Hindi with Explain :


Meaning of Passion in Hindi : 

जुनून, 
आवेश, 
भावना,

ऊपर से प्रत्येक अर्थ को भिन्न छोटे रूप मे जानते हुये अनेकों स्थान पर उपयोग भी अवश्य कर लिए होंगे ऑर आगे भी फायदा उठाने का मौका मिलता रहेगा। कुछ लोगो के द्वारा थोड़ी शिकायत आई कि वे ज्यादा समय तक इन शॉर्ट मीनिंग को याद रखने मे असमर्थ होते है क्योकि दिमाग इन्हे किसी कहानी के चलते लंबे समय तक याद रखने मे पूरी तरह असमर्थ होता है। 

मेरे खयाल से यह परेशानी हमारे सभी पाठको के सामने आ रही होगी, इसीलिए इसके निदान के लिए हमने यह इतना बड़ा आर्टिक्ल आपके लिए लिखा जो काफी मदद देगा। तो फिर आइए शुरुआत करते है। 
 

All Examples of Passion with Simple Explaination : 


मौजूद हर एक मीनिंग पर चर्चा को समझे - 

- जुनून, मैं आशा करता हूँ कि इस अर्थ से संबन्धित बहुत सारी बाते आप उस स्थिति मे जानते होंगे जिसमे यदि आप जीवन मे कुछ बड़े विचारो ऑर इरादो के साथ आगे बड़ रहे होंगे। हम सभी इस धरती पर अनेकों विचारो ऑर मानसिक शक्ति के साथ पैदा हुये है जिसके चलते ज्यादा बेहतर करने की उम्मीद के कारण हम सभी जीवन मे अपने पसंदीदा काम को करने ऑर उसमे सफल होने की पूरी कोशिश करते है। जब आदमी कोई सपना पूरा करने हेतु रात - दिन लगकर काम करता है तब उसे जुनून के रूप मे लेते है। 

- आवेश, सीधे तौर पर यह ग़ुस्से या तेजपन को प्रकट करता है जो कि ज्यादा या कम मात्रा मे प्रत्येक इंसान के अंदर देखने को मिल सकता है। हालाकि यह हमेशा ही सामने नही होता बल्कि भावनाओ के बदलाब के कारण अक्सर चहरे पर देखने को मिल जाता है। इसका स्तर सभी मे भिन्न होता है ऑर जरूरी नही कि एक बात पर किसी एक व्यक्ति की भावना जो है वही समान स्थिति मे दूसरे की भी हो यह जरूरी नही। हम परिवार मे अच्छे उदाहरण खोज सकते है। 

- भावना, यह किसी भी आम इंसान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है, कहने का तात्पर्य व्यक्ति के द्वारा जो काम, दोस्ती, खाना, चुनना, सीखना, रहना आदि सभी इसी भावना के अनुसार ही कार्य करता है। मतलव बहुत से मामलो मे हमारी भावना ही आगे रहती है जो मन के साथ सीधे जुड़ी होती है। आप जिस स्थान पर रह रहे या जो भी पाना चाहते है सब कुछ इसी के अनुसार देखने मे आती है। ऐसे भावो को लोगो के अंदर बहुत सी स्थिति के चलते देखे ही होंगे। आगे थोड़े प्रभाव को भी जाने। 

नीचे प्रभाव पर एक नजर डाले - 

- जुनून, दोस्तो हमारे समाज मे कुछ लोग होते है जो बहुत जुनून से भरे होते है ऑर उसी आवेश के साथ काम को करते है। अच्छे उदाहरण चारो ओर देख सकते है जीनमे वे लोग जो इस स्थिति से गुजर रहे है। अब समाज मे कुछ ऐसे लोग है जो बहुत जुनूनी है ऑर किसी काम को कर रहे है. 

इस स्थिति मे देश पर दो तरह के प्रभाव देखे जाएँगे। कहने का मतलव जब कोई इंसान अच्छी भावना के साथ बदलाब करना चाहता है तब परिवार के साथ देश का नाम रोशन होगा लेकिन बुरे कार्य उसके तथा परिवार के लिए विपरीत परिणाम दर्शाएँगे। 

- आवेश, अब बात करते है आवेश की जो हर व्यक्ति के अंदर मौजूद होता है ऑर समय के अनुसार ही बाहर कम या ज्यादा मात्रा मे प्रकट होता है। किसी मे कम ऑर किसी मे समान स्थिति के अंतर्गत भिन्न होते है। जब सही समय ना हो ऑर कोई ज्यादा आवेश मे आ जाये तब बहुत बुरा प्रभाव सामने बाले पर पड़ता है जो सभी के लिए शायद अच्छे परिणाम उत्पन्न ना कर सके। कुछ लोग ऐसे भी जरूर मिलेंगे जो शांत ऑर समझदार होने के साथ दूसरों से अच्छा व्यवहार करते है। 

- भावना, जैसा कि ऊपर बताया ही है कि मनुष्य जन्म मे बहुत सारी स्थिति बनती है जो किसी को भी भावना के अंतर्गत हिला सकती है। हमसे जुड़े कुछ लोग ज्यादा भावना को महसूस करते है ऑर कुछ को कोई खास फर्क नही पड़ता है। देखा जाये तो हम सभी की भावना समय ऑर स्थिति मे बदलाव के चलते कम या ज्यादा होने के साथ अच्छी या बुरी होती रहती है। जिसके कारण आस - पास के लोगो पर उसी तरह प्रभाव भी देखने को मिलता है। 

उपयोग जरूर से जानिए - 

- जुनून, किसी भी काम को पूरा करने हेतु सारी हड़े तोड़ देना इसके अंतर्गत देख सकते है। 

- आवेश, यह प्रत्येक व्यक्ति के ग़ुस्से या तेज होने को दर्शाता है। 

- भावना, समय ऑर स्थिति मे बदलाव के अनुसार मन के विचारो को जोड़ सकते है। 

मैं कह सकता हूँ कि यदि आपने ऊपर दर्शाये हर पॉइंट को अच्छी तरह समझ कर पढ़ लिया है तो जरूर ही हर एक बात भलीभाती जान ही ली होगी। यहाँ से लाभ मिला तो मुझे नीचे के जरिये कुछ सुझाब देकर उत्साह से भर सकते है ताकि आगे नए पोस्ट बेहतर रूप मे आप तक पहुंचा सके। तो फिर आगे नए रुपमे आपके मुलाक़ात करेंगे।  

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